पेड़ बचाओ – Save Tree Save Life Stories For Kids V1

Save Tree Save Life Stories For Kids (पेड़ बचाओ पेड़ हमें बचाएंगे बच्चों के लिए छोटी सी कहानी)

नमस्ते दोस्तों, मुझे यकीं है ठीक होंगे और इस परिस्थिति में अपना ध्यान रखना बहोत ही जरुरी है. आज में बच्चो के लिए एक नयी कहानी लेके आया हु जो Save Tree Save Life Stories For Kids है. आपको यह कहानी पढ़ने में बहोत ही मजा आएगा और कुछ नया जानने को मिलेगा. हमारे वेबसाइट में बच्चो के लिए बहोत ही मजेदार जानकारी आपको देखने को मिल जाएगी, निचे मेने एक लिंक दिया है. जहा से आपको नयी कहानिया, निबंध और कविताये मिल जाएगी जो जरूर पढ़े.

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यदि आपकी उम्र बड़ी है तो आपको तो पता ही होगा की Save Tree Save Life एक स्लोगन है और पेड़ो का हमारे जीवन में क्या महत्व है. अभी जब बचो की उम्र बहोत ही छोटी होती है तो जो हम सिखाएंगे वो वही सीखेंगे। अब यह आपका फ़र्ज़ है की पेड़ो के बारेमे उनको अच्छी अछि जानकारी, शिक्षा और उसका जतन कैसे करते है वह सीखना बहोत ही जरुरी है.

अभी थोड़े वर्षो में बहोत ही प्रदुषण बढ़ गया है तो हमें दुनिया में पेड़ ही है जो आगे जाके बहोत ही मदद रूप होने वाले है. अभी बचे पेड़ के बारे में कुछ अछि बाते सीखेंगे तो उनके जीवन पर उसका बहोत ही अच्छा असर पड़ेगा और वह भी नए पेड़ उगायेगे एव उसको सुरक्षित रखने में अपना बहत्वपुर्ण हिस्सा प्रदान करेंगे.

Interesting Save Tree Stories For Kids

कई साल पहले की बात है. जोधपुर राजस्थान में स्थित है उसके पास में एक गाँव है जिसका नाम है खेजड़ी था। गाँव का नाम खेजड़ी क्यों है? गाँव में बहुत से खेजड़ी के पेड़ उगते थे, इसलिए इसका नाम खेजड़ी पड़ा। ग्रामीणों को झाड़ियाँ और पेड़ बहुत पसंद हैं। वे कहते हैं, “अगर पेड़ हैं, तो हम हैं।”

उसी गांव में एक छोटी सी गुड़िया रहती थी जिसका नाम अमृता था, वह सुबह जल्दी उठती है। अपने खुद के उगाये पेड़ को पानी पिलाती थी और वह उसे बहोत ही प्यार करती थी. गांव के लोग भी पेड़ से बहोत ही प्यार करते थे. अमृता हर दिन एक नए पेड़ के पास जाती थी और वह उससे मिलती है और कहती है, “अरे, तुम मजबूत हो, बहुत सुंदर हो। मुझे संभालते हो, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं। तुम हमेशा मेरे अच्छे दोस्त बनके रहोगे.

Save Tree Save Life Stories For Kids
Save Tree Save Life Stories For Kids

अमृता की तरह, अन्य बच्चों के अपने विशेष पेड़ थे। वे घंटों पेड़ों की छाँव में खेलते रहे। अमृता समय के साथ बड़ी होती गई। एक दिन वह अपने पेड़ से मिलने गई। वहां कुछ अजनबी लोगों को देखा। उनके पास खड़े थे और उनके पास कुल्हाड़ियाँ थीं। उन्होंने कहा कि राजा ने उन्हें लकड़ी काटने के लिए पेड़ काटने के लिए भेजा था। राजा के महल को बनाने के लिए लकड़ी की आवश्यकता है तो सभी पेड़ कटे पड़ेगे.

अमृता चौंक गई। वह आदमी उस पेड़ के पास गया जिसे वह काटने जा रहा था। उसने अपने हाथ को पेड़ के तने के चारों ओर डाल दिए और पेड़ को जोर से पकड़ लिया। वह आदमी उसे डराने के लिए चिल्लाया, लेकिन अमृता पेड़ को छोड़ना नहीं चाहती थी। राजा के आदमियों को उसके आदेशों का पालन करना होता है। वे पेड़ों को काटने के लिए जा रहे थे। यह देखकर अमृता की तरह दूसरी लड़कियों और गाँव के लगभग सौ बूढ़े और नौजवानों ने पेड़ों की रक्षा के लिए उसे पकड़ लिया। अमृता और सभी लड़कियों के साथ पेड़ों को बचाने के लिए कई लोग मारे गए.

जब राजा ने यह सुना, तो उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की। उन्होंने खुद गांव का दौरा किया। वहाँ वह गांव के लोगों का पेड़ों और जानवरों के प्रति गहरा लगाव देखकर। पेड़ों पर ग्रामीणों की भावना ने राजा को पिघला दिया। उन्होंने आदेश दिया कि हमारे राज्य में “न तो पेड़ काटे जाएं और न ही इलाके में किसी जानवर को मारा जाए।” इस क्षेत्र के लोगों को ‘बिश्नोई’ कहा जाता है, पेड़ों और अमृता की कहानी बहुत प्रसिद्ध है.

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मुझे यकीं है की आपको Save Tree Save Life Stories For Kids बहोत ही पसंद आयी होगी। हम यहाँ ऐसी की मजेदार कहानिया बच्चो के लिए post करते रहते है तो आप हमारे इस वेबसाइट को जरूर visit करते रहिये। हम यही कोशिश करते है की आपको नयी नयी जानकारी मिलती रहे और आप अपना भरोसा हमपे बनाये रखे.

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