गणतंत्र दिवस – Republic Day In Hindi

हिंदी में गणतंत्र दिवस के बारे में निबंध और नैतिक कहानी-Essay and Story about Republic Day In Hindi

Republic Day In Hindi पर अगर आपको मिबंध लिखना हो या उसके समारोह की कुछ बाते जाननी है तो यह पोस्ट आपके बहोत ही काम में आने वाली है जिस्मे आपको यह समरोह कैसे होता है उसकी जलक दिखाई देगी। यह केवल छोटे बचो के लीये निबंध लेखन है उसका ध्यान रखे

Essay On Republic Day In Hindi

Republic Day In Hindi (गणतंत्र दिवस हिंदी में ) 1
Republic Day In Hindi (गणतंत्र दिवस हिंदी में ) 1

भारत देश सदा से लोकप्रिय देश रहा है यह तो आपको पता ही होगा। यहाको सभी जातियां एक साथ मिल जुल कर रहती हैं ऐसा एक सामान दृष्टि वाला देश है। हिन्दू दशहरा, दिवाली भोर होली मनाते हैं. मुसलमान ईद, तो ईणाई क्रिसमस का पर्व अपने अपने रंग रूप से मनाते हैं. किन्तु स्वाधीनता पाने के बाद भारत में सभी वर्गों का एक नया राष्ट्रीय पर्व बन गया है गणतंत्र दिवस । इसे सारे देशवासी बड़े उमंग से मनाते हैं.

गणतंत्र दिवस भारत में 26 जनवरी को मनाया जाता है. साल 1950 में दिन पहले पहल स्वतन्त्र भारत का नया सविधान लागू किया गया था. उसी स्मृति में इस दिन सारे देश में आनन्द और उत्साह का प्रदर्शन किया जाता है. स्वतंत्र होने से बाद से 26 जनवरी को स्वाधीनता-दिवस के रूप में मनाया जा रहा है ,क्यों की सन् 1921 मे लाहौर कांग्रेस के अधिवेशन पर देश को पूर्ण स्वाधीन कराय किया गया था उसी दिन को सपथ ली गई थी। 26 जनवरी को नया संविधान करने के पीछे भी यही कारन थी कि स्वाधीनता संग्राम के समय में जो दिन ‘स्वाधीनता-दिवस’ नाम से मनाया जाता रहा, उसकी स्मृती को गणतन्त्र दिवस के रूप में स्थायी बना दिया जाए.

वैसे तो गणतन्त्र दिवस सारे देश मे ही बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, पर देश की राजधानी दिल्ली में इस की शोभा निराली ही होती है। इस दिन सब दफ्तरं और शिक्षा-संस्थामों में छुट्टी रहती है । सब बाजार बन्द रहते हैं लाल किले के मंदान में जल, स्थल पौर वायुसेना को टुकड़ियां राष्ट्रपति को सलामी देती हैं. इस समारोह को देखने के लिए सारी दिल्ली और पुरे देश के लोग उमड़ पड़ते है, बल्कि हजारों लोग दूर-दूर के नगरों से भी आते हैं सिर्फ इस नज़ारे को देखने के लिए लोग बहोत दूर तक सफर करते है.

पूरी सुबह हुई भी नहीं कि 5 बजे से ही लोगो भीड़ जमा होने लगती हैं। कुछ मोटरों में तो कुछ लोगों स्कूटर तो बहुत से लोग पैदल ही इस मैदान तक पहुंचते हैं। यहां पुलिस और सेना का बहोत ही अच्छा सुरक्षा प्रबंध रहता है, जिससे अव्यवस्था न होने पाए. इतना विशाल खुली जगह वाला मैदान लोगों से भर जाता है. फिर भी कितने ही लोग भीड़ के कारण इम मैदान तक पहुंच ही नहीं पाते। सभी लोग यहाँ इसलिए जल्दी आते है क्यों की उनको एक अच्छी जगह मिल जाये. स्त्रियों और बच्चों को इस भीड़ में असुविधा भी होती है, परन्तु अपने उत्साह के कारण वह कोई भी असुविधा का भी ख्याल नहीं करते.

राष्ट्रपति को इसमें बहोत ही मान के साथ स्टेज तक लाया जाता है उनमे बड़ी गाड़िया और उसके आसपास घुड़सवार होते है. मुख्य मंच के पास भारत सरकार के मंत्री, उच्च पदाधिकारी तथा अन्य प्रतिष्ठित लोग पहले बैठे होते हैं। प्रधानमन्त्री राष्ट्रपति का स्वागत करते हैं और उन्हें मंच तक ले जाते हैं. इस समय गवर्नर राष्ट्रपति को सलामी देती हैं. और सैनिक वाद्य बजने लगते हैं. राष्ट्रपति अपने भाषण मे पुरे राष्ट्र को अच्छा सन्देश देते हैं.

उसके बाद वीरता के कार्य करने वाले सैनिकों को उपाधिया और पारितोषिक दिए जाते हैं. फिर सैनिक टुकड़िया कवायत करती हुई राष्ट्रपति के सामने से गुजरती हैं और सलामी देती हैं. सैनिकों का यह जलूस बहुत लम्बा और शानदार होता है. सैनिकों के साथ टेक, फाइटर विमान तोपें तथा अन्य सैन्य उपकरणों की गाड़ियां भी होती है। इस विशाल जुलुस को देखकर देश की सैन्य-दाक्ति की एक अच्छी जलक मिल जाती है.

सैनिकों के बाद घुडसवार और ऊंट सवार सेनाएं भी अपनी जाखि लोगो को दिखती है है. बीच बीच मे सैनिक पल्टन वाद्य बाजा बजाते हुए चलते हैं, जो देखने और सुनने दोनों में ही बहोत ही अच्छे लगते हैं। जलूस मे कुछ हाथी भी होते हैं, जिनसे
जलूस की शोभा और भी बढ़ जाती है. सैनिकों के अतिरिक्त नेशनल कमांडर तथा लोक सहायक सेना की टुकडियां भी पूरी सज के परेड करती हुई आती हैं. भूतपूर्व सैनिक ढेरों पदक लगाए बड़े गर्व के साथ मोटी गाडियों में बैठकर आते हैं. कही विद्यालयों के छात्र भी सैनिकों की भांति कवायत करते हुए आते हैं और राष्ट्रपति को सलामी देते हैं. सभी सैनिक देश की शेन्य शक्ति का प्रदर्शन करते है और सभी को यह देखने में बहोत ही मजा आता है.

यह सेन्य परेड की समाप्ति पर घायुसेना के विमान समूह बनाकर रहते हुए हवाई उड़न से राष्ट्रपति को समामी देते हुए चले जाते हैं। उसके बाद यह समारोह समाप्त हो जाता है, उसके बाद राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और सभी मंत्री अपनी अपनी गाडी में वापस जाते है और रात के समय सरकारी भवनो को बिजली के बल्बों से सजाया जाता है. उसका आकर्षण ही अलग होता है. ऐसे गणतन्त्र दिवस का यह पूरा समारोह समाप्त होता है और देखने में यह बहोत ही मजेदार होता है.

हमें विश्वाश है आपको Republic Day In Hindi (गणतंत्र दिवस हिंदी में ) पोस्ट जरूर ही पसंद आया होगा और इसमें आपको बहोत कुछ जानने भी मिला होगा.

उपयोगी हिंदी जानकारी

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